- कार्तिक आर्यन ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, शयन आरती में हुए शामिल; ओडिशा के मंत्री ने भी भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- उज्जैन फ्रीगंज में ड्राई फ्रूट्स दुकान में भीषण आग: तीन दमकलों की मदद से बुझाई गई, शॉर्ट सर्किट की आशंका
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 21-07-2026
- नशामुक्ति अभियान को मिला जनसमर्थन, 1200 विद्यार्थियों ने रैली निकालकर दिया जागरूकता का संदेश
- उज्जैन नगर निगम में 57 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने जारी किए आदेश; सिंहस्थ-2028 से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
पहले बेरोजगार थे, अब कर्जदार हो गए
शहर को मिली ई-रिक्शा की सौगात अब वाहन मालिकों के लिए गले की हड्डी बन गई है। सिंहस्थ महापर्व से पहले जोरशोर से इन्हें सड़कों पर उतारा गया लेकिन सिंहस्थ के समापन के बाद से ही इनके वाहन मालिकों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस संकट के चलते अब ई-रिक्शा चालकों ने नया तरीका निकाला है और ई-रिक्शा में टू-व्हीलर का इंजन लगाकर इन्हें थ्री से फोर-व्हीलर बना दिया।शहर की सड़कों पर दौड़ती बैटरी चलित ई-रिक्शा को इस उद्देश्य से चलाया गया था कि इससे प्रदूषण कम होगा लेकिन अब यही वाहन मालिकों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। लोगों ने इसे अच्छी सौगात मानते से हुए बैंक से कर्ज लेकर ई-रिक्शा खरीदे लेकिन जिन कंपनियों के यह ई-रिक्शा थे वह कंपनियां इन्हें बेचने के बाद रफूचक्कर हो गईं।
गाडिय़ों में खराबी होने पर कंपनियों ने इन्हें दुरुस्त करने की गारंटी-वारंटी भी दी थी लेकिन कंपनी भागी तो सारे वादे धरे के धरे रह गए। इन गाडिय़ों में जो बैटरियां लगाई गई थीं वे भी घटिया कंपनी की थीं जो दो माह में ही खराब हो गई हैं। नई बैटरी की कीमत करीब २० हजार रुपए है। ऐसे में ई-रिक्शा के मालिकों के लिए इन्हें खरीदना बूते से बाहर है। ऐसे में बैंक की किश्त चुकाने का भी इनके सामने संकट खड़ा हो गया।